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के. अन्नामलाई ने छोड़ा BJP का साथ; पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वीकारा किया इस्तीफा | Collector
के. अन्नामलाई ने छोड़ा BJP का साथ; पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वीकारा किया इस्तीफा
Sudarshan News

के. अन्नामलाई ने छोड़ा BJP का साथ; पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वीकारा किया इस्तीफा

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनका इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अपना त्यागपत्र सौंपा था। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक अन्नामलाई ने 2 जून को राजधानी दिल्ली में पांच पन्नों का विस्तृत इस्तीफा पत्र सौंपा था। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। हालांकि मुलाकात के दौरान किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा की कमान सौंपी गई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य में भाजपा के संगठन विस्तार और जनाधार बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चलाए। उनकी मुखर कार्यशैली और विपक्ष पर आक्रामक हमलों के कारण वे तमिलनाडु की राजनीति में एक चर्चित नेता बनकर उभरे। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी लोकप्रियता देखने को मिली। पिछले वर्ष भाजपा और एआईएडीएमके के बीच राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के दौरान अन्नामलाई ने प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। उस समय उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह पार्टी नेतृत्व के फैसलों का सम्मान करते हैं और संगठन के निर्देशों के अनुसार कार्य करते रहेंगे। विधानसभा चुनाव परिणामों का भी पड़ा असर 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहा और उसे केवल एक सीट पर जीत हासिल हुई। वोट प्रतिशत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हो पाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों ने राज्य इकाई के भीतर कई स्तरों पर मंथन की स्थिति पैदा की। जानकारी के अनुसार अन्नामलाई के सामने राष्ट्रीय राजनीति या संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावनाएं थीं। इसके बावजूद उनकी प्राथमिकता तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय बने रहने की बताई जा रही है। अब उनके इस्तीफे के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा उन्हें भविष्य में कौन-सी नई भूमिका सौंपती है और राज्य की राजनीति में उनका अगला कदम क्या होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अन्नामलाई का इस्तीफा केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु भाजपा की आगामी रणनीति से भी जुड़ा संकेत हो सकता है। आने वाले महीनों में पार्टी की राज्य इकाई में नए नेतृत्व और नई रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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