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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान-2026 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए एक हल्का-फुल्का उदाहरण दिया, जिस पर मौजूद लोग मुस्कुरा उठे। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब ‘हर घर नल योजना’ को आगे बढ़ाया गया, तब कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि कहीं नल की टोटी गायब हो जाती थी तो कहीं अन्य प्रकार की क्षति देखने को मिलती थी। उनके इस कथन पर कार्यक्रम स्थल का माहौल कुछ समय के लिए हंसमुख हो गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पौधा लगाना केवल एक औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लोग पौधों को परिवार के सदस्य की तरह संभालेंगे, तभी वृक्षारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल वर्तमान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु में बदलाव पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में सामूहिक प्रयासों के बिना समाधान संभव नहीं है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आम की ‘अरुणिका’ प्रजाति का पौधा भी रोपा। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संदेश दिया कि वृक्षारोपण को केवल एक अभियान न मानकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ न केवल पर्यावरण की रक्षा करते हैं, बल्कि स्वच्छ हवा, जल संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण अभियानों के तहत 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों की भागीदारी से यह अभियान सफल हुआ है और यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लगातार पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि विकास और प्रकृति संरक्षण दोनों को साथ लेकर चलना आज समय की आवश्यकता है।
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