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भारत और जिम्बाब्वे ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह सहमति 4 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-जिम्बाब्वे संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की पहली बैठक के दौरान बनी। बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें विशेष रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, साझा हवाई उपकरणों के रखरखाव और तकनीकी सहयोग को विस्तार देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान भी की, जिनमें संयुक्त उत्पादन, आतंकवाद-रोधी अभियान, सीमा प्रबंधन और शांति स्थापना मिशन शामिल हैं। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और जिम्बाब्वे की ओर से परमानेंट सेक्रेटरी एरोन डेनियल टोंडे नेपेहरा ने की। जिम्बाब्वे का 12 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय भारत दौरे पर आया हुआ है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सेवा, रक्षा उत्पादन विभाग और सैन्य चिकित्सा सेवाओं के अधिकारी शामिल रहे। भारत और जिम्बाब्वे के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हो रहा है। इस पहली JDC बैठक ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद समझौतों को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह सहयोग उन उद्देश्यों पर आधारित है, जो एयरो इंडिया 2025 के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) में तय किए गए थे। अपने दौरे के दौरान जिम्बाब्वे के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली स्थित DPSU भवन का भी दौरा किया। यहां उन्होंने भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ संभावित सहयोग के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की। जिम्बाब्वे प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख एरोन डेनियल टोंडे नेपेहरा ने अपने दौरे की शुरुआत नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। उन्होंने वहां शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया।
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