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जेएनयू में थियानमेन स्क्वायर घटना पर अभाविप का कार्यक्रम; लगाई गई चित्र प्रदर्शनी | Collector
जेएनयू में थियानमेन स्क्वायर घटना पर अभाविप का कार्यक्रम; लगाई गई चित्र प्रदर्शनी
Sudarshan News

जेएनयू में थियानमेन स्क्वायर घटना पर अभाविप का कार्यक्रम; लगाई गई चित्र प्रदर्शनी

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जेएनयू इकाई ने 4 जून 1989 को चीन के थियानमेन स्क्वायर में हुई घटनाओं को याद करते हुए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। संगठन ने इस दिन को “काला दिवस” के रूप में चिन्हित किया। अभाविप जेएनयू द्वारा परिसर में एक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें 1989 की घटनाओं से जुड़े दृश्य और जानकारी प्रस्तुत की गई। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों को उस समय के घटनाक्रम और उससे जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों से अवगत कराना बताया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी रही, जहां उन्होंने प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से उस दौर की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। थियानमेन स्क्वायर घटना की पृष्ठभूमि वर्ष 1989 में चीन के बीजिंग स्थित थियानमेन स्क्वायर में छात्रों और नागरिकों द्वारा लोकतांत्रिक सुधारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किए गए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस और आलोचना होती रही है। अभाविप ने अपने कार्यक्रम के दौरान इन्हीं घटनाओं को केंद्र में रखते हुए उन्हें याद किया। प्रदर्शनी के बाद अभाविप कार्यकर्ताओं ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की नीतियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान पुतला दहन भी किया गया। संगठन का कहना था कि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक घटनाओं को याद करने और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। अभाविप जेएनयू इकाई अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि छात्रों को इतिहास के उन पहलुओं से भी अवगत होना चाहिए, जो अक्सर चर्चा से बाहर रह जाते हैं। उनके अनुसार, ऐसे विषयों पर खुली बहस जरूरी है। इसी तरह इकाई मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि जेएनयू जैसे विश्वविद्यालयों में विचारों की विविधता होनी चाहिए और ऐतिहासिक घटनाओं पर अलग-अलग दृष्टिकोण से चर्चा की गुंजाइश रहनी चाहिए।

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