Collector
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बढ़ाईं फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियां; परिचालन क्षमता को मिलेगा बल | Collector
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बढ़ाईं फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियां; परिचालन क्षमता को मिलेगा बल
Sudarshan News

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बढ़ाईं फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियां; परिचालन क्षमता को मिलेगा बल

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से वित्तीय शक्तियों के संशोधित प्रत्यायोजन को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत फील्ड कमांडरों की वित्तीय सीमाओं में 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में यह बढ़ोतरी इससे भी अधिक है। इस निर्णय से रक्षा सेवाओं में तेज़ी से खरीद, परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सरलता आने की उम्मीद है। परिचालन क्षमता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया पर जोर संशोधित प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर तैनात कमांडरों को अधिक स्वायत्तता देना है, ताकि वे आवश्यकताओं के अनुसार तुरंत निर्णय ले सकें। नई व्यवस्था से चिकित्सा सुविधाओं, निर्माण कार्यों और अन्य रक्षा परियोजनाओं में देरी कम होगी और अनुबंध प्रक्रिया अधिक तेज़ होगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास (R&D) से जुड़े वित्तीय अधिकारों को दोगुना किया गया है। इस कदम का उद्देश्य विदेशी उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करना और घरेलू रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। सरकार के अनुसार, संशोधित वित्तीय शक्तियों के जरिए राजस्व मार्ग से 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रक्षा खरीद को गति मिलेगी। इससे बजटीय आवंटन का बेहतर उपयोग संभव होगा और समय पर उपकरण एवं सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। नई व्यवस्था में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त खरीद को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, खरीद प्रक्रिया को अधिक विकेन्द्रीकृत करने के लिए कई नए वित्तीय प्राधिकरण भी बनाए गए हैं, जिससे निर्णय स्तर और तेजी से काम हो सके। वित्तीय शक्तियों में अंतिम बड़ा संशोधन वर्ष 2021 में किया गया था। सेनाओं के विस्तार, बजट बढ़ोतरी और संचालन खर्च में वृद्धि को देखते हुए मौजूदा सुधार आवश्यक माना गया। इसके साथ ही अक्टूबर 2025 में जारी नई रक्षा खरीद नियमावली के अनुरूप भी यह बदलाव किया गया है। इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, थल, वायु और नौसेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

Go to News Site