भारत समाचार
नई दिल्ली/बेंगलुरु। भारतीय कॉरपोरेट जगत में अब तक सत्यम और पीएनबी-नीरव मोदी जैसे घोटाले मील का पत्थर माने जाते थे, लेकिन जून 2026 में सेबी के एक अंतरिम आदेश ने उन सबको पीछे छोड़ दिया। देश की सबसे बड़ी गोल्ड एक्सपोर्टर कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर आरोप है कि उन्होंने महज़ … The post ₹15 लाख करोड़ का ‘कागज़ी सोना’ और दो साल तक सोती रहीं जाँच एजेंसियाँ appeared first on Bharat Samachar | Hindi News Channel .
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