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शादी से पहले जिस्मानी रिश्ता बनाना चरित्र का प्रमाण नहीं – सुप्रीम कोर्ट | Collector
शादी से पहले जिस्मानी रिश्ता बनाना चरित्र का प्रमाण नहीं – सुप्रीम कोर्ट
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शादी से पहले जिस्मानी रिश्ता बनाना चरित्र का प्रमाण नहीं – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court: भारत में बदलते सामाजिक संबंधों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि दो अविवाहित वयस्कों के बीच सहमति से बना शारीरिक संबंध किसी व्यक्ति के चरित्र पर नकारात्मक टिप्पणी करने का आधार नहीं हो सकता। यह टिप्पणी तेलंगाना में पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुडे एक मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई। अदालत ने साफ किया कि हर रिश्ता विवाह तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं है और केवल शादी नहीं होने से किसी पक्ष को धोखेबाज नहीं माना जा सकता। इस फैसले को व्यक्तिगत अधिकारों और आधुनिक सामाजिक सोच से जोडकर देखा जा रहा है।

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