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उत्तर प्रदेश के बागपत में इन दिनों एक पेड़ की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला सिर्फ एक पेड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह वन विभाग की कार्रवाई और उसके तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. आरोप लगाने वाले मजदूर आश मोहम्मद का कहना है कि एक सरकारी पेड़ की कटाई के मामले में वन विभाग ने उसके और 7 से 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया. लेकिन आरोप है कि बाद में कुछ सफेदपोशों के दबाव में आकर विभाग ने बाकी लोगों को छोड़ दिया, जबकि उसे निशाना बनाया गया. मजदूर का दावा है कि उसे वन विभाग के दफ्तर बुलाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. उसने आरोप लगाया कि वन विभाग के दरोगा ने न सिर्फ उसे टॉर्चर किया बल्कि उसका हाथ तक मरोड़ दिया गया. इतना ही नहीं, उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया है.
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