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2,604 महिला कानूनी पेशेवरों के अनुभवों पर आधारित इस सर्वे में भेदभाव के कई पहलू सामने आए हैं, जिनमें फीस निर्धारण, काम और जीवन के बीच संतुलन, क्लाइंट का भरोसा, पदनाम और वरिष्ठों का व्यवहार शामिल है. 84% महिलाएं काम के तनाव से जूझ रही हैं और 16.1% ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है. इसके बावजूद, 83.1% महिलाएं पहली पीढ़ी की वकील हैं और 51.9% नेतृत्व की भूमिका निभाने का इरादा रखती हैं.
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