महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप
Dainik Bhaskar

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू ‘बाबा' अशोक खरात को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को पुणे के एक बड़े लॉजिस्टिक्स कारोबारी राजेंद्र जसूद ने खरात के खिलाफ नौवीं एफआईआर दर्ज कराई। खरात पर राजेंद्र से विदेश में बिजनेस सफल कराने और ‘अवतार पूजा’ के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं, बल्कि रसूखदार लोगों से जुड़े अन्य एंगल की भी जांच की जा रही है, जिसमें लड़कियां सप्लाई करने से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल हो रही है। खरात ने पीड़ित व्यापारी को डराया था कि अगर पूजा नहीं की तो नाग देवता काट लेंगे और उसकी मौत हो जाएगी। इसी खौफ में उसने व्यापारी से 90 लाख रु. की मर्सिडीज कार और फार्महाउस के इंटीरियर के लिए करोड़ों रुपए वसूल लिए। खरात ने कारोबारी को झांसा दिया था कि उसे अवतार पूजा के लिए 21 अलग-अलग कोनों से ऊर्जा बटोरनी होगी। इसके लिए उसने म्यांमार, ग्रीनलैंड और अमेरिका तक यात्राएं कराईं। विधायक की पत्नी भी खरात की ‘खास भक्त’ खरात के ‘ब्रह्मसदन’ और ईशान्येश्वर मंदिर में आम लोगों के साथ-साथ सत्ता से जुड़े लोग भी पहुंचते थे। एक विधायक की पत्नी भी उसकी प्रमुख भक्तों में शामिल बताई जा रही हैं। वह न केवल नियमित रूप से पूजा के लिए आती थीं, बल्कि ट्रस्ट की गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। कई पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों के साथ खरात की तस्वीरें अब जांच के दायरे में हैं। गणित में 28 नंबर वाला सिखा रहा था ‘अंकशास्त्र’ जांच में खरात की 1983 की असली मार्कशीट मिली है, जिसने उसके दावों की पोल खोल दी। खरात खुद को ‘डॉक्टर ऑफ कॉस्मोलॉजी’ और अंकशास्त्र का विशेषज्ञ बताता था, लेकिन वह 10वीं की परीक्षा में फेल हो चुका था। उसे गणित में महज 28 अंक मिले थे पर वह ‘न्यूमेरोलॉजी’ और ‘ग्रह दोष’ के नाम पर अमीर लोगों को प्रभावित करता था। झूमर की लाइट बंद होते ही ‘शुद्धिकरण’ का खेल शुरू स्टाफ समझता था कोड लैंग्वेज... अंदर कब नहीं जाना है एसआईटी प्रमुख तेजस्वी सातपुते की जांच में एक ‘कोड लैंग्वेज’ का पता चला है। केबिन के बाहर एक झूमर लगा था। जब खरात किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के लिए बुलाता, तो झूमर की लाइट बंद कर देता था। स्टाफ समझ जाता था कि अंदर यौन शोषण चल रहा है और किसी को प्रवेश नहीं करना है। वीडियो वायरल करने वालों पर एक्शन इस मामले में पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर करने वाले अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में राहुल शिंदे और योगेश अधव को गिरफ्तार किया गया है।

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